Friday, July 10, 2009

आज आयुष को क्या खाना है?

हम बड़े भले ही अपनी रोज़ की भाग दौड़ में व्यस्त होकर कुछ एक छोटी छोटी बातें भूल जाते है..ळेकिन बच्‍चो को छोटी से छोटी बातें याद रहती है. अपने बेटे को हर रोज़ स्कूल छोड़ने से पहले मैं उसे बताती हूँ की मैने उसके लंच बॉक्स में क्या दिया है और उसे याद दिलाती हूँ अपना खाना खाने के लिए. हर रोज़ की तरह आज भी तैयार हो रहे थे और हर रोज़ की तरह आज फिर देर हो रही थी. जल्दी में मैने बस उसका लंच उसके बैग में रखा और उसे चलने के लिए कहा. आयुष एक मिनिट के लिए रूका और फिर बोला " आज आयुष को क्या खाना है?"मुझे तुरन्तअपनी ग़लती का एहसास हुआ और मैने कहा"आज आयुष को मुम्मा ने चावल दिए है पनीर वाले !"उसपर उसका जवाब था"बस चावल? (हर रोज़ मैं उसे दो चीज़े देती हूँ)"नहीं, और साथ में गोभी की परांठा भी दी है"और इतने से जवाब से उसका चेहरा ऐसे खिल गया, जैसे उसे कोई उसकी खोई हुई चीज़ मिल गयी हो
मेरे छोटे से बेटे ने मुझे अपनी भोली सी बात से एक बहुत बड़ी बात सीखा दी - ज़िंदगी को भागते हुए जीने की जगह उसमे कभी कभी comma, semicolon भी लगाना चाहिए !!

(We grownups, in our daily rush, tend to forget the little things in life। But kids, they remember even the smallest of things। Before dropping off my son to his school, everyday I tell him what I have packed for his lunch and remind him that he needs to eat his lunch
So, like everyday, we were getting ready this morning too, and as usual were getting late too. So in a hurry, I just put his lunch in his bag and asked him to hurry. He stopped, looked at my face and said "What should Aayush eat today?" I immediately realized my mistake and said "Mommy has given some rice for lunch for Aayush"And his reply was "Just rice? (Normally I give him at least 2 main items)"No, and I also packed you gobhi parantha"And his face immediately lit up as if he found a lost toy or something.
My little son taught me a very important lesson with his innocent talk - Try to put a comma or a semicolon in non stop running life.)

2 comments:

Solilo said...

Aww...so cute!

How old is your son?

Dil se said...

Thanks Solilo. He's getting ready to be 3 in a week now.